| anawadhboyspanorama March 31 | मुझ पर बस इतना करम करना वस्ल की रात ना आने देना उस मंज़िल तक सिर्फ परिंदों को पहुचने दो हम किसी और मुद्दत उस घर को बसाएंगे- पहले अपने खतो से और फिर भीनी भीनी हवायो से अभी उस मकान को ख़ाली रहने दो वस्ल की रात को दूर तलक रहने दो *** | | | | | You can also reply to this email to leave a comment. | | | | |
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